Tuesday, April 20, 2021

US Navy Operations In india: US Navy Holds Operations Inside India Without Consent Near Lakshadweep Islands – अमेरिकी नेवी की दादागिरी, बिना अनुमति लक्षद्वीप के पास अभ्‍यास कर भारतीय दावे को दी ‘चुनौती’


हाइलाइट्स:

  • अमेरिकी नौसेना ने भारत के लक्षद्वीप के पास विशेष आर्थिक क्षेत्र को लेकर दावे को चुनौती दी है
  • अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि उसने भारत से अनुमति लिए बिना ही लक्षद्वीप के पास अभियान किया है
  • यह अभियान भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन के तहत किया गया

वॉशिंगटन
अमेरिका की नौसेना ने भारत सरकार के लक्षद्वीप के पास समुद्र में विशेष आर्थिक क्षेत्र को लेकर दावे को बड़ी चुनौती दी है। अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने कहा है कि उसने भारत से अनुमति लिए बिना ही लक्षद्वीप के पास भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अमेरिकी नौसेना का यह बयान भारत की समुद्री नौवहन सुरक्षा नीति का सीधे-सीधे उल्‍लंघन है जिसके तहत ऐसे अभ्‍यास के लिए अनुमति लेना जरूरी है। अमेरिका के इस विवादित बयान पर अब भारत सरकार की कड़ी नजर है।

अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े ने एक बयान जारी करके कहा, ‘7 अप्रैल को युद्धपोत यूएसएस जॉन पॉल जोन्‍स ने भारत से अनुमति लिए बिना ही लक्षद्वीप से 130 समुद्री मील की दूरी पर भारतीय क्षेत्र में नौवहन अधिकारों और स्‍वतंत्रता का प्रदर्शन किया। यह अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के मुताबिक है। भारत का यह दावा कि उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में सैन्‍य अभ्‍यास या आने-जाने से पहले पूर्व सूचना देनी होगी, यह अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों से मेल नहीं खाता है।’

us navy statement

अमेरिकी नौसेना का बयान

‘अक्‍सर ऑपरेशन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे’
अमेरिकी नौसेना का यह बयान भारत के साथ उसका तनाव बढ़ाने वाला है क्‍योंकि दोनों ही एक-दूसरे के नजदीकी रणनीतिक सहयोगी हैं। साथ ही दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी का मिलकर विरोध भी करते हैं। यही नहीं भारत और अमेरिका पूरे साल नौसैनिक अभ्‍यास करते रहे हैं। अमेरिकी नौसेना ने यह भी कहा कि हम सामान्‍य और अक्‍सर फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

अमेरिकी नौसेना ने कहा कि फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन एक देश के बारे में नहीं है और न ही वे राजनीतिक बयान दे रहे हैं। इस अमेरिकी दादागिरी पर अभी तक भारतीय नौसेना या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई बयान नहीं आया है। इससे पहले क्‍वॉड देशों के नेताओं की बैठक में पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र में फ्रीडम ऑफ नेविगेशन को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।



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