Wednesday, April 14, 2021

nuclear battery: Nuclear Waste New Diamond Battery Will Last 28000 Years: परमाणु कचरे से बनाई गई बैटरी 28000 साल तक ऊर्जा देती रहेगी


हाइलाइट्स:

  • अमेरिका के एक स्टॉर्टअप ने परमाणु कचरे से महाशक्तिशाली बैट्री बनाई
  • यह बैट्री 28000 साल तक लगातार ऊर्जा देती रहेगी, 2023 से शुरू होगा उत्पादन
  • इंसानों के लिए सुरक्षित होने का किया गया दावा, रेडियोएक्टिव पदार्थों का होगा प्रयोग

वॉशिंगटन
अमेरिका के एक स्टार्टअप ने परमाणु कचरे का प्रयोग कर एक महाशक्तिशाली बैट्री बनाई है। इस बैट्री को 28000 साल तक चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, न्यूक्लियर वेस्ट से निकले रेडियोएक्टिव आइसोटोप्स को नैनोडायमंड्स की अल्ट्रा-स्लिम परतों के साथ मिलाकर बैट्री का आकार दिया गया है। इस बैट्री की इतनी ताकत के है कि यह इंसानों की 400 पीढ़ियों को बिना रिचार्ज के पावर सप्लाई कर सकती है।

2023 तक बैट्री का प्रोडक्शन शुरू करने का दावा
नैनो डायमंड बैट्री (NDB) का दावा है कि रेडियोएक्टिव यह बैट्री इंसानों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। स्टार्टअप ने यह भी दावा किया है कि अगले दो साल के भीतर हम इस बैट्री का प्रोडक्शन शुरू कर देंगे। शुरुआती तौर पर इसे अंतरिक्ष एजेंसियों के लंबी अवधि के मिशनों सहित अपने कॉमर्शियल पार्टनर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

मोबाइल या इलेक्ट्रिक कार को 10 साल तक देगा पावर
कंपनी इस बैट्री के कस्टमर वर्जन पर भी काम कर रही है, जो 10 साल से भी अधिक समय तक बिना रिचार्ज के स्मार्टफोन या इलेक्ट्रिक कार को पावर दे सकता है। कंपनी ने कहा कि यह न केवल हमारे उपकरणों को बार-बार रिचार्ज करने की परेशानी से बचाता है बल्कि बैट्री के निर्माण और इसके विघटन से जुड़े पर्यावरणीय की समस्याओं को भी हल करता है।

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डायमंड बैट्री के पीछे यह है तकनीक
यह बैट्री रेडियोएक्टिव अपशिष्ट ग्रेफाइट से शक्ति प्राप्त करती है। ग्रेफाइट-कूल्ड परमाणु रिएक्टरों में उपयोग किया जाता है। तो बहुत पतली क्रिस्टलीय हीरे की परतों से जुड़ी हुई है। प्रत्येक इकाई में एक एकल क्रिस्टलीय हीरा होगा जो आइसोटोप से ऊर्जा को अवशोषित करता है। इन हीरों में में उच्चतम ऊर्जा-चालकता होती है, जिसका अर्थ है कि यह रेडियोएक्टिव ग्रेफाइट से बहुत जल्दी गर्मी को ट्रांसफर करती है। यह प्रक्रिया इतनी जल्दी होती है जिससे बिजली पैदा हो जाती है।


बताया जा रहा प्रूव कॉन्सेप्ट डिज़ाइन
ये डायमंड लेयर्स न केवल चार्ज जमा करती हैं, बल्कि विकिरण के रिसाव को भी रोकती हैं। इस स्टार्टअप ने यहां तक दावा किया है कि इससे इतनी कम मात्रा में विकिरण फैलेगा, जिससे इंसानी जान को कोई खतरा नहीं होगा। फर्म ने अभी तक बैटरियों का उत्पादन नहीं किया है, लेकिन “डायमंड न्यूक्लियर वोल्टाइक” नामक एक प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट डिज़ाइन है।



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