Tuesday, April 20, 2021

Indian Army Chief Bangladesh Visit: Indian Army Chief General MM Narwane Bangladesh Visit Latest Updates, will strategy be made against China in Indian Ocean: चीन के खिलाफ बांग्लादेश को साधने ढाका पहुंचे भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे


ढाका
हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे 5 दिनों की ढाका यात्रा पर पहुंचे हैं। ढाका पहुंचने पर उनका स्वागत गार्ड ऑफ आनर देकर किया गया। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश के वायुसेना और नौसेना प्रमुखों के साथ मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश दौरे के तुरंत बाद आर्मी चीफ के ढाका पहुंचने को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

अगले 5 दिनों तक ढाका में रहेंगे भारतीय सेना प्रमुख
जनरल नरवणे ने ढाका में बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी। वह दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच करीबी संबंधों को और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से पांच दिन की यात्रा पर बांग्लादेश आये हैं। नरवणे बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल अजीज अहमद के आमंत्रण पर ढाका पहुंचे हैं। कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश की यात्रा की थी।

बांग्लादेश की नेवी और एयरफोर्स चीफ से की मुलाकात
भारतीय सेना के अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजी पीआई) ने ट्विटर पर बताया कि जनरल नरवणे ने बांग्लादेशी नौसेना के प्रमुख एडमिरल एम शाहीन इकबाल से मुलाकात की तथा विभिन्न आपसी हित के विषयों पर उनसे चर्चा की। एडमिरल इकबाल से बातचीत के बाद भारतीय सेना प्रमुख ने देश की वायु सेना के कार्यवाहक प्रमुख से मुलाकात की।

आपसी संबंधों को मजबूत करेंगे दोनों देश
एडीजी पीआई ने एक दूसरे ट्वीट में कहा कि जनरल नरवणे ने एयर वाइस मार्शल एम अबुल बशर से मुलाकात की जो बांग्लादेश की वायु सेना के कार्यवाहक प्रमुख भी हैं। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विषयों पर चर्चा की। अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय ने ट्वीट किया कि जनरल नरवणे ने पांच दिन की अपनी यात्रा के पहले दिन आज शिखा अनिर्बान पर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

बांग्लादेश को एक साथ साधने में जुटे भारत-अमेरिका, हिंद महासागर में चीन की दादागिरी होगी खत्म
बताया जा रहा है कि जनरल नरवणे संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में चार से 12 अप्रैल तक चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास शांति अग्रसेना के समापन समारोह में भी शामिल होंगे। जनरल नरवणे 11 अप्रैल को बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमीन से मुलाकात करेंगे। सेना प्रमुख धनमोंडी में मुजीबुर रहमान स्मारक संग्रहालय का दौरा भी कर सकते हैं जहां वह बांग्लादेश के राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देंगे।

चीन से बढ़ रही बांग्‍लादेश की नजदीकी
शेख हसीना के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्‍लादेश के तेवर जरा बदले हैं। अब वह चीन के इन्‍फ्रा प्रॉजेक्‍ट्स को तवज्‍जो दे रहा है। पिछले साल बांग्लादेश ने सिलहट में एयरपोर्ट टर्मिनल का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया। जबकि सिलहट भारत की उत्तर-पूर्व सीमा से सटा है और संवेदनशील इलाका माना जाता है। इसकी मदद से चीन भारत के पूरे नॉर्थ ईस्ट इलाके पर नजर रखने का प्लान बना रहा था।

बंगाल की खाड़ी में अपनी उपस्थिति बनाना चाहता है चीन
चीन बंगाल की खाड़ी में भारत को घेरने के लिए हर हाल में अपनी उपस्थिति बनाना चाहता है। यही कारण है कि म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की पूरी दुनिया ने आलोचना की लेकिन, चीन ने हर कदम पर म्यांमार की सेना का पक्ष लिया। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और मानवाधिकार परिषद में म्यांमार सेना की आलोचना करने वाले प्रस्ताव पर वीटो किया था। आंग सांग सू की की सरकार चीन के प्रोजक्ट्स को मंजूरी नहीं दे रही थी, जिससे बांग्लादेश तक चीन के पहुंचने का सपना प्रभावित हो रहा था।

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चीन ने बांग्लादेश में किया है 26 अरब डॉलर का निवेश
गौरतलब है कि चीन ने बांग्लादेश में 26 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि 38 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके साथ ही बांग्लादेश उन देशों में शामिल हो गया है, जहां पर चीन ने आधारभूत संरचना में सबसे अधिक निवेश किया है। बांग्लादेश चीन से लगभग 15 बिलियन डॉलर का आयात करता है। जबकि चीन को बांग्लादेश से निर्यात किए जाने वाले वस्तुओं की कीमत आयात के मुकाबले बहुत कम है।

चीन ने बांग्लादेश के 97 फीसदी उत्पादों को टैक्स फ्री किया
भारत के पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक कूटनीति खेलने में जुटे चीन ने बांग्लादेश के 97 फीसदी उत्पादों पर से टैक्स हटाने की घोषणा की थी। चीन के इस बड़े ऐलान से गदगद बांग्लादेश के राजनयिकों ने इसे पेइचिंग और ढाका के संबंधों में मील का पत्थर बताया था। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि मत्स्य और चमड़े के उत्पादों सहित 97 फीसदी वस्तुओं को चीनी टैरिफ से छूट दी गई है।



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