Tuesday, April 20, 2021

first quad summit: US, Japan, India, Australia 1st Quad summit Updates: क्वॉड की पहली बैठक नरेंद्र मोदी जो बाइडन योशिहिडे सुगा स्कॉट मॉरिसन भारत अमेरिका जापान ऑस्ट्रेलिया चतुर्भुज सुरक्षा संवाद


हाइलाइट्स:

  • इंडो पैसिफिक में चीन को घेरने का प्लान तैयार, क्वॉड की पहली बैठक में होगा फैसला
  • कोरोना वैक्सीन की सप्लाई, आपसी सहयोग और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे चारों नेता
  • पीएम मोदी, जो बाइडन पहली बार किसी बैठक में लेंगे हिस्सा

पेइचिंग
आज शाम सात बजे के आसपास भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के शीर्ष नेता क्वॉड की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। एशिया का ‘नाटो’ कहे जाने वाले क्वॉड की यह पहली बैठक है जिसमें चारों देशों का शीर्ष नेतृत्व हिस्सा ले रहा है। वैसे तो इस संगठन का गठन इंडो पैसिफिक में इन चारों देशों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ाने के लिए किया गया था। लेकिन, परिस्थिति को देखते हुए यह चीन की बढ़ती ताकत को काउंटर करने का एक बड़ा मंच बन गया है। बताया जा रहा है कि आज की बैठक में कोरोना वायरस वैक्सीन की सप्लाई और इंडो-पैसिफिक में बढ़ती सुरक्षा की चुनौतियों पर बातचीत हो सकती है।

मोदी-बाइडन पहली बार किसी बैठक में होंगे शामिल
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के पीएम योशिहिडे सुगा और ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिशन हिस्सा लेंगे। यह पहला मौका होगा जब अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी बैठक में हिस्सा लेंगे। बाइडन पहले ही चीन के खिलाफ सख्त रूख दिखा चुके हैं। जो बाइडन इंडो पैसिफिक की अहमियत को अच्छी तरह से समझते हैं, यही कारण है कि वे किसी भी हाल में इस क्षेत्र में चीन को हावी नहीं होने देंगे।

बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
इस बैठक में चारों देशों के नेता कोविड-19 की चुनौतियों, आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल के खिलाफ वैश्विक स्तर पर बढ़ रही चिंताओं के बीच चार देशों के गठबंधन ‘QUAD’ की बैठक हो रही है। ऐसे में चीन भी इस बैठक का महत्वपूर्ण विषय रहने वाला है। क्वाड में शामिल चारों देशों का चीन के साथ किसी न किसी मुद्दे पर विवाद है। ऐसे में ड्रैगन की बढ़ती ताकत से निपटने के लिए ये चारों देश एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं।

क्वॉड को विशेष महत्व दे रहे अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन
अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन क्वॉड के सदस्य देशों को खासा महत्व दे रहे हैं। यही कारण है कि बाइडन ने दुनिया के जिन शीर्ष दस नेताओं को फोन किया उनमें क्वॉड देशों के नेता भी शामिल हैं। उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री योशाहिदे सुगा से 27 जनवरी को, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन से तीन फरवरी को और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आठ फरवरी को बात की थी।

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इंडो पैसिफिक में स्थिरता लाएगी यह बैठक: मॉरिशन
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ उनकी पहली मुलाकात और भारत और जापान के नेताओं के साथ बातचीत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए अहम साबित होगी। मॉरिशन ने कहा कि यह चार राष्ट्रों के बारे में है जिनके हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दीर्घकालिक हित जुड़े हैं। हमारे लिए यह वह स्थान है जहां हम रहते हैं, जहां जापान है, जहां भारत है और जहां अमेरिका की लंबे समय से मौजूदगी रही है। इसलिए यह (बातचीत) हिंद-प्रशांत में शांति और स्थिरता के लिए अहम है और इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सभी देशों को लाभ होगा।

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क्वॉड को लेकर चीन में खलबली
क्वॉड की इस बैठक को लेकर चीन में खलबली मची हुई है। यही कारण है कि चीन ने बयान जारी कर कहा हैकि चारों देश ऐसी चीजें करेंगे जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए हितकारी हों, ना कि ‘प्रतिकूल’। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग ढांचे को शांतिपूर्ण विकास और लाभकारी सहयोग के सिद्धांत का पालन करना चाहिए जो मौजूदा समय की प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि संबंधित देश इस बात को दिमाग में रखेंगे कि क्षेत्रीय देशों के समान हितों में खुलेपन, समावेशीकरण और लाभकारी सहयोग के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए और ऐसी चीजें की जाएं जो विरोधाभासी होने के बजाय क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हितकारी हों।’

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क्या है क्‍वॉड जानिए

द क्वॉड्रिलैटरल सिक्‍यॉरिटी डायलॉग (क्‍वॉड) की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी। हालांकि इसकी शुरुआत वर्ष 2004-2005 हो गई जब भारत ने दक्षिण पूर्व एशिया के कई देशों में आई सुनामी के बाद मदद का हाथ बढ़ाया था। क्‍वाड में चार देश अमेरिका, जापान, ऑस्‍ट्रेलिया और भारत शामिल हैं। मार्च में कोरोना वायरस को लेकर भी क्वॉड की मीटिंग हुई थी। इसमें पहली बार न्यूजीलैंड, द. कोरिया और वियतनाम भी शामिल हुए थे।

चीन कर रहा है विरोध
इस समूह के गठन के बाद से ही चीन चिढ़ा हुआ है और लगातार इसका विरोध कर रहा है। लद्दाख में चल रहे सैन्‍य तनाव के बीच चीन का सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स भारत को लगातार धमकी दे रहा है। साथ ही नसीहत दे रहा है कि भारत क्‍वॉड से दूर रहे और गुटन‍िरपेक्षता की अपनी नीति का पालन करे।



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