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رسائل المجلات لورد ماونت باتن إدوينا: माउंटबेटन की डायरी को सार्वजनिक नहीं करेगा ब्रिटेन ، भारत और ए‍डविना के राज को खुलने का डर؟ – مذكرات اللورد مونتباتن رسائل إدوينا من مكتب مجلس الوزراء البريطاني لمنشور الخوف من الهند


लंदन
ब्रिटिश सरकार ने एक बार फिर से भारत में अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन और उनकी पत्‍नी ए‍डविना माउंटबेटन की डायरी तथा पत्रों सार्वजनिक करने ा इन पत्रों और को सार्वजनिक करने के लिए लेखक ने चार साल का समय और ढाई करोड़ खर्च खर्च ब्रिटिश कैबिनेट और साउथहैंपटन यूनिवर्सिटी ने उनके इन प्रयासों पर पानी फेर दिया है। लेखक का मानना ​​है कि इस डायरी से भारत के बंटवारे और एडविना के रिश्‍ते के बारे में कई राज खुल सकते हैं। इसी वजह से ब्रिटिश सरकार इन्‍हें सार्वजनिक नहीं कर रही है।

गार्डियन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2010 में लॉर्ड माउंबेटन की डायरी और ए‍डविना के कुछ पत्रों को लिए सुरक्षित ‘कर दिया गया था था साउथहैंपटन यूनिवर्सिटी ने ब्रॉडलैंड आर्काइब कहे जाने और डायरी को 2010 में 2.8 मिलियन पाउंड में खरीदा था। इसको खरीदने के नाम पर यूनिवर्सिटी ने कई लोगों से फंडिंग लिया था। यूनिवर्सिटी ने कहा था कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि ये दस्‍तावेज लोगों की पहुंच में हों।

“भारत के बंटवारे के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है”
पर किताब लिखने वाले एंड्रयू लोवनी कहना है कि वह वर्ष 2017 डायरी और ए‍डविना के पत्रों को सार्वजनिक के संघर्ष संघर्ष रहे हैं रहे हैं लेकिन यूनिवर्सिटी ने कहा कि उसे सरकार की ओर से निर्देश मिला है कि ओर से मिला है कि सार्वजनिक नहीं किया जाए। लोवनी ने कहा कि इन दस्‍तावेजों में जरूर कुछ खास है जिसकी वजह से यूनिवर्सिटी और सरकार उन्‍हें सार्वजनिक करने से लिए लाखों पाउंड खर्च कर रहे र

लोवनी का मानना ​​है कि इन दस्‍तावेजों से शाही परिवार और भारत के बंटवारे के बारे में नई जानकारी सामने आ सकती है। लॉर्ड माउंबेटन राजकुमार फिलीप के चाचा थे। माउंटबेटन की पत्‍नी एडविना का भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से करीबी संबंध था। इससे पहले ब्रिटेन के शाही बॉयोग्राफर फिलीप जेइगलर ने दावा किया था कि इस बात के पर्याप्‍त साक्ष्‍य हैं कि उंटबेटनाउंटबेटन और उनकी पत्‍नी ए‍डविना के बाहरी

“पराई महिलाओं संग रात बिताते थे लॉर्ड माउंटबेटन”

फिलीप जेइगलर ने अपनी किताब ‘माउंटबेटन: द ऑफिशल बॉयोग्राफी’ में लिखा है، ‘एक बार माउंटबेटन ने स्‍वीकार किया था एडविना और मैंने अपना पूरा वैवाहिक जीवन दूसरों केरा वैवाहिक जीवन दूसरके केा ावैवर की बेटी पामेला हिक्‍स ने भी अपनी किताब’ डॉटर ऑफ एंपायर: लाइफ एज ए माउंटबेटन ‘में कहा था कि उनके पिता का योला लेटेलिअर के साथ कई सालों तक पारेम योला डेउविले के मेयर हेनरी की पत्‍नी थीं।

ब्रिटिश अखबार एक्‍सप्रेस के मुताबिक एडविना एक धनी परिवार से थीं और उनके पिता ब्रिटेन के सांसद थे। ए‍डविना का कई मर्दों के साथ प्रेम संबंध था और वह उसे माउंटबेटन से छिपाती भी नहीं थीं। हिक्‍स ने अपनी मां को पुरुषों को आकृष्‍ट करने वाली महिला करार दिया था। पामेला हिक्‍स ने कहा कि उनकी मां के प्रेमी पूरे बचपन में ‘अंकल’ बनकर आते रहे। लोनी ने अपनी वर्ष 2019 आई किताब में कहा था कि का लॉर्ड माउंटबेटन के साथ शादी के ही वर्ष 1925 में वर्ष के साथा र उनका कथित रूप के साथ 10 साल तक अफेयर चला था। इसके बाद एडविना का स्‍टीफन लॉडी के साथ संबंध शुरू हुआ जो काफी धनी थे और पोलो खेलते थे।

“एडविना-पंडित जवाहर लाल नेहरू में था भावनात्‍मक रिश्‍ता”
माउंटबेटन की बेटी पामेला हिक्‍स ने अपनी किताब ‘डॉटर ऑफ़ एम्पायर’ में लिखा है कि उनकी मां और भारत के प्रधानमंत्री लाल नेहरू के पा र ، ‘मेरी मां और पंडित नेहरू जी एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे। पुराना मुहावरा सोलमेट उन दोनों पर पूरी तरह लागू होता था। मेरे पिता बहुर्मुखी थे ، जबकि मेरी मां अपने-आप में ही रहना पसंद करती थीं। वह बहुत लंबे समय तक विवाहित रहे थे और एक-दूसरे के बहुत नज़दीक साथी भी थे लेकिन इसके बावजूद मेरी मां अकेलेपन की शिकार थीं। इसी बीच उनकी मुलाकात एक ऐसे व्‍यक्ति से हुई जो संवेदनशील ، आकर्षक ، सुसंस्कृत और बेहद मनमोहक था। शायद यही वजह थी कि वह उनके प्यार में डूब गईं। “

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